मेरा गाँव मेरा गौरव

अक्टूबर 2015 से संस्थान के वैज्ञानिकों ने अनुसंधान कार्यों के अलावा माननीय प्रधान मंत्री द्वारा 25 जुलाई 2015 को पटना में शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत मेरा गाँव मेरा गौरव कार्यक्रम के अन्तर्गत अल्मोड़ा जिले के 5 विकास खण्डों में कुल 6 क्लस्टर चयनित किये। प्रत्येक क्लस्टर के लिए वैज्ञानिकों के अलग-अलग समूहों का गठन किया गया है।

वैज्ञानिकों द्वारा अपने-अपने  क्लस्टर में किए जा रहे कार्यों का विवरण

  • विभिन्न कृषि पद्धतियों पर किसानों को जागरूक करना
  • गाँवों की कृषि-पारिस्थितिकी स्थितियों के अनुसार प्रौद्योगिकी का हस्तान्तरण करना
  • आदान प्रदान, जलवायु और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध करना
  • रेडियो एवं समाचार पत्रों के माध्यम से उपलब्ध जानकारी का प्रचार प्रसार करना
  • स्थानीय स्तर पर काम कर रहे विभिन्न संगठनों और संस्थानों द्वारा कार्यान्वित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में किसानों को जागरूक करना
  • स्वच्छ भारत अभियान, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता आदि के बारे में जागरूकता फैलाना
  • संस्थान के विशेषज्ञों के साथ किसानों की बैठक आयोजित कर किसानों को नई नई तकनीकों की जानकारी देना
  • गाँव स्तर पर तकनीकी समस्याओं की पहचान करना और संभावित अनुसंधान कार्यक्रमों में उनका उपयोग करना
  • कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्पन्न तकनीकी, सामाजिक व आर्थिक डेटा की मासिक व त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार करना।